नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने विज्ञापनों पर दिल्ली सरकार के खर्च (Media advertisements allegation) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधने को लेकर शनिवार को यह कहते हुए पलटवार किया कि यह कुछ वैसा ही है जैसे ‘‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे.’’ आप ने सरकारी विज्ञापन पर होने वाले खर्च के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में ‘‘योगी जी और मोदी जी’’ के 850 होर्डिंग हैं, जबकि दिल्ली सरकार के 108 होर्डिंग हैं।
दिल्ली सरकार साल मे विज्ञापनों के लिए खर्च करती है 70 करोड़ रुपए
आप ने एक बयान में कहा, ‘‘दिल्ली सरकार एक साल में केवल 70 करोड़ रुपए विज्ञापनों पर खर्च करती है जबकि योगी सरकार एक साल में 2,000 करोड़ रुपये खर्च करती है. उल्टा चोर कोतवाल को डांटे?’’ पार्टी ने कहा, ‘‘दिल्ली में मोदी जी के होर्डिंग देखिये, आपको पता चल जाएगा कि मोदी जी छोटे से छोटे काम में भी कितना शोर मचाते हैं.’’ आप की यह प्रतिक्रिया शाह द्वारा दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद आयी, जिसमें उन्होंने केजरीवाल पर दिल्ली सरकार द्वारा अपने विभिन्न कार्यक्रमों पर दिए गए मीडिया विज्ञापनों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के लोग समझ गए हैं कि वास्तव में विकास कार्य कौन करता है और कौन सिर्फ जुबान चलाता है।
केजरीवाल का अमित शाह पर वॉर
आप ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘जहां तक विज्ञापनों पर खर्च करने की बात है, अमित शाह जी को दिल्ली का एक दौरा करना चाहिए, हर जगह केवल योगी जी और मोदी जी के विज्ञापन ही दिखाई देते हैं. दिल्ली के अखबारों में हर रोज केवल योगी जी और मोदी जी के विज्ञापन ही छपते हैं।’’ दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) द्वारा कबाड़ से विकसित ‘भारत दर्शन’ पार्क का उद्घाटन करते के बाद शाह ने कहा कि दिल्ली की तीनों भाजपा शासित नगर निगमों की वजह से मोदी सरकार राष्ट्रीय राजधानी में कल्याणकारी कार्यक्रम चला पा रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि देश में दो तरह की कार्य संस्कृति है। उन्होंने कहा कि एक शांति से विकास कार्य करने की है, जैसे लोगों को मुफ्त टीका मुहैया कराना, प्रशासनिक सुधार, नयी शिक्षा नीति लागू करना, शहरी विकास कार्यक्रम, 60 करोड़ गरीबों को मुफ्त आवास, बिजली, गैस आदि के दायरे में लाना आदि. शाह ने कहा, ‘‘दूसरी है करो या न करो, विज्ञापन दो, टीवी साक्षात्कार दो। दिल्ली की जनता को अहसास हो गया है कि कौन वास्तव में विकास कार्य करता है और कौन जुबान चलाता है।’’
केजरीवाल और अमित शाह आमने-सामने
दिल्ली के नगर निकायों की उनकी कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी की सरकार तीनों नगर निगमों का 13 हजार करोड़ रुपये का बकाया दे देती तो वे और काम कर सकते थे। शाह की टिप्पणी पर, आप ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम ‘‘दुनिया के सबसे भ्रष्ट निकाय’’ हैं। आप ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘इन निगमों का सारा पैसा भाजपा नेताओं की जेब में जाता है।’ आप ने आरोप लगाया और केंद्रीय गृह मंत्री पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘भ्रष्टाचार का समर्थन करने के बजाय, अमित शाह जी को उन्हें (नागरिक निकायों को) ईमानदारी से चलाना चाहिए। तब धन की कोई कमी नहीं होगी.”